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Friday, 22 July 2016

Logical Operator in C



लॉजिकल आपरेटर : 

लॉजिकल आपरेटर एक तरह से रिलेशनल आपरेटर का सहायक आपरेटर हैं। कई बार ऐसी स्थिति होती हैं की प्रोग्राम को आंगे क्रियान्वित करने के लिए दो या दो से ज्यादा रिलेशन को चेक करना होता हैं, तो यहाँ पर लोजिकल आपरेटर की सहायता से दो या दो से ज्यादा रिलेशनल आपरेटर को एक साथ मिला कर चेक किया जा सकता हैं। लॉजिकल आपरेटर को समझने के लिए हिन्दी के दो शब्द को याद करे
1-  और
2-  या
ये दोनों शब्द दो वाक्यो को जोड़ने के लिए उपयोग किया जाता हैं। जैसे - राम अच्छा लड़का हैं। संजु बुरा लड़का हैं। को “और” की सहायता से एक वाक्य मे बादल देंगे कुछ इस तरह से – राम अच्छा लड़का हैं और संजु बुरा लड़का हैं। ठीक इसी प्रकार प्रोग्राममिंग मे लोगीकल आपरेटर जो रीलेशन कंडीशन को जोड़ने का कार्य करता हैं। सी भाषा मे तीन प्रकार के लॉजिकल आपरेटर होते हैं।
Operator
Name of the Operator
&&
And Operator
||
Or Operator
!
Not Operator

and (&&) आपरेटर का उन कंडीशन को जोड़ने के लिए उपयोग किया जाता हैं, जहां पर सभी कंडीशन के सही होने पर ही कार्य निष्पादित करने की शर्त हो। जैसे – माना शर्त हैं अगर a की वैल्यू b के वैल्यू से बड़ी हो तथा a की वैल्यू c से बड़ी हो तो a सबसे बड़ा माना जाए। यहाँ पर आप पाएंगे की दो शर्ते हैं a > b और दूसरा a > c  तब इन दोनों शर्तो के सही होने पर कार्य को आंगे बढ़ाना हैं तो and आपरेटर का उपयोग करके दोनों शर्तो को जोड़ेंगे।

जैसे – a > b && a > c

ध्यान रहे अगर पहली शर्त गलत हो गई तो कंपाइलर दूसरी शर्त को नहीं पढ़ता हैं। क्योंकि दोनों शर्तो के बीच && आपरेटर लगा हुआ हैं। जिसका मतलब यह हुआ की जब दोनों कंडीशन सही होंगे तभी शर्त पूरी मनाई जाएगी, पर अगर पहली कंडीशन false हो गया तो अगला पढ़ने का कोई मतलब नहीं होता हैं।

Or||” आपरेटर का प्रयोग and आपरेटर की तरह ही करते हैं, पर उसका कार्य अलग होता हैं। and का उपयोग जब करते हैं जब सभी शर्ते सही होने के बाद ही कार्य को बढ़ाना हो। or आपरेटर and आपरेटर के बिलकुल उलट कार्य करता हैं, अगर दी गई शर्तो मे एक शर्त भी सही हो तो कार्य को आंगे बढ़ाया जाना हो तब ऐसी स्थिति मे and की जगह or आपरेटर का उपयोग करना चाहिए।
जैसे – a > b || a < c
|| आपरेटर मे अगर पहली कंडीशन गलत हो गई तभी भी कंपाइलर अगली कंडीशन को पढ़ेगा और यह जब तक पढ़ता रहेगा जब तक सही कंडीशन न मिल जाए या कंडीशन खत्म न हो जाए।

Not (!) आपरेटर एक यूनरी आपरेटर हैं। यह किसी कंडीशन के परिणाम को उल्टा करने के लिए उपयोग मे लाया जाता हैं। मसलन a =12, b=11 तब एक शर्त लिखी गई हैं a<b,  जिसका परिणाम फाल्स (गलत) आयेगा क्योंकि a, b से बड़ा हैं, इस लिए a<b गलत शर्त हैं। पर अगर आप इस शर्त के सामने not “!” लगा दे तो उक्त शर्त का परिणाम ट्रू (सही) मे बादल जाएगा।

जैसे - ! (a < b)

ऐसा इसलिए होता हैं क्योंकि not आपरेटर कंडीशन के परिणाम को बादल देता हैं। true को false और false को true कर देता हैं।

Relational Operator in C



रिलेशनल आपरेटर :

रिलेशनल आपरेटर किन्ही दो एंटीटी / ओपरेंड के बीच के तुलनात्मक संबंध को जाँचने के लिए प्रयोग किया जाता हैं। क्या 5 > 4 यहाँ पर आप देखा सकते हैं की हम 5 और 4 के बीच मे तुलना कर रहे हैं। इस आपरेटर का उपयोग जब ओपरेंड के साथ करते हैं, तो तुलना का परिणाम यह “1” यानि true या “0” यानि false मे देती हैं।

Operator
Description
Example
==
दो ओपरेंड एक समान है यह पता करने के लिए इस आपरेटर (equal to) का इस्तेमाल होता हैं।
(A == B) is not true.
!=
दो आपरेटर बिलकुल समान नहीं हैं यह पता करने के लिए इस आपरेटर (Not equal to) का इस्तेमाल होता हैं।
(A != B) is true.
इस आपरेटर का उपयोग बाए ओपरेंड की वैल्यू को दाए ओपरेंड की वैल्यू से बड़ी है या नहीं, यह पता करने के लिए होता हैं।
(A > B) is not true.
इस आपरेटर का उपयोग बाए ओपरेंड की वैल्यू दाए ओपरेंड की वैल्यू से छोटी हैं या नहीं, यह पता करने के लिए होता हैं।
(A < B) is true.
>=
इस आपरेटर का उपयोग बाए ओपरेंड की वैल्यू को दाए ओपरेंड की वैल्यू से बड़ी है या बराबर हैं, यह पता करने के लिए होता हैं।
(A >= B) is not true.
<=
इस आपरेटर का उपयोग बाए ओपरेंड की वैल्यू दाए ओपरेंड की वैल्यू से छोटी हैं या बराबर हैं, यह पता करने के लिए होता हैं।
(A <= B) is true.

Arithmetic Operator in C



अरिथमेटिक आपरेटर :

            अरिथमेटिक आपरेटर वह आपरेटर होते हैं जिनका प्रयोग गणना के लिए किया जाता हैं। इस आपरेटर के उपयोग के लिए कम से कम दो ओपरेंड होना चाहिए। ओपरेंड वह इकाई होती हैं जिन पर आपरेटर कार्य करते हैं। जैसे 2 + 2 मे “+” एक आपरेटर है जिसका काम जोड़ना हैं। जबकि 2 वह इकाई हैं जिनहे जोड़ना हैं। तो यहा पर 2 को ओपरेंड कहेंगे और “+” (प्लस) को आपरेटर। अरिथमेटिक आपरेटर के अंदर मुख्य रूप से यह आपरेटर होते हैं जिनहे नीचे दर्शाया गया हैं।

Operator
Description
Example
+
दो ओपरेंड को जोड़ने के लिए
A + B = 30
दूसरे ओपरेंडर की वैल्यू को पहले ओपरेंड से घटाने के लिए
A − B = -10
*
दो ओपरेंड को गुणा करने के लिए
A * B = 200
/
numerator को de-numerator विभाजित करने के लिए
B / A = 2
%
मॉड्यूल आपरेटर, विभाजन मे शेष कितना होगा पता करने के लिए इस आपरेटर का इस्तेमाल करते हैं।
B % A = 0

Saturday, 16 July 2016

Oparators in C


सी मे आपरेटर 

सी भाषा मे आपरेटर एक चिन्ह (सिम्बल) होता हैं जो कंपाइलर को विशेष गणितीय (mathematical) आपरेशन या लॉजिकल आपरेशन परफ़ार्म करने का संकेत देता हैं। सी भाषा मे कई आपरेटर मौजूद हैं जिनका प्रयोग आप कर सकते हैं। सी मे आपरेटर निम्न प्रकार के होते हैं।

8 – इंक्रीमेंट और डीक्रीमेंट आपरेटर 


ऊपर दिये आपरेटर मे क्लिक कर आप उनके विवरण को पढ़ सकते हैं।

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